CAB क्या है?
CAB ( Citizens Amendment Bill) नागरिकता संश्शोधन बिल के तहत नागरिकता अधिनियम 1955 में कुछ बड़े बदलाब किये गय है।
नागरिकता संशोधन बिल के तहत तीन देशो को लिया गया है बो है पाकिस्तान, अफगानिस्ता ओर बांग्लादेश इन देशो से अल्पसंख्यक जेसे हिंदी,सिख ,ईसाई,बौद्ध, जैन, पारसी को इन तीन देशो में यदि धर्मिक उत्पीड़न होता है तो बी भारत आये तो उनको आसानी से इस अधिनियम के तहत भारत की नागरीकता दी जायगी ।
इसमें कुछ सरते राखी गई हैं-
जो लोग नागरिकता पाना चाहते है बो लोग 6 साल से भारत में रह रहे हो , इनका पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्ता में धार्मिक उत्पीड़न हुआ हो जिसके कारण बो यहाँ आये हो तो उनको आसनी से भारत की नागरिकता दी जायगी।
यह बिल कब पास हुआ--
यह बिल पहली बार संसद में रखा गया 19 जुलाई 2016 को फिर उसके सयुक्त संसदीय समिति को सोप दिया 12 अगस्त 2016 को, सयुंक्त ससदीय समिति ने इस साल जनबरी 2019 को cab पर अपनी रिपोर्ट दे दी थी।
जिसके बाद ग्रह मंत्री अमित शाह ने इस बिल को संसद में पुनः 9 दिसम्बर 2019 को रखा और संसद से इसे पास कर दिया गया, फिर इसे राज्यसभा में रखा गया और बहा भी 11 दिसंबर 2019 को पास कर दिया गया।
12 दिसम्बर 2019 को भारत के राष्ट्पति की मंजूरी के बाद मध्य रात्री को cab नागरिकता संशोधन बिल को एक कानून का रूप दे दिया गया और देश में लागु कर दिया गया।
CAB ( Citizens Amendment Bill) नागरिकता संश्शोधन बिल के तहत नागरिकता अधिनियम 1955 में कुछ बड़े बदलाब किये गय है।
नागरिकता संशोधन बिल के तहत तीन देशो को लिया गया है बो है पाकिस्तान, अफगानिस्ता ओर बांग्लादेश इन देशो से अल्पसंख्यक जेसे हिंदी,सिख ,ईसाई,बौद्ध, जैन, पारसी को इन तीन देशो में यदि धर्मिक उत्पीड़न होता है तो बी भारत आये तो उनको आसानी से इस अधिनियम के तहत भारत की नागरीकता दी जायगी ।
इसमें कुछ सरते राखी गई हैं-
जो लोग नागरिकता पाना चाहते है बो लोग 6 साल से भारत में रह रहे हो , इनका पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्ता में धार्मिक उत्पीड़न हुआ हो जिसके कारण बो यहाँ आये हो तो उनको आसनी से भारत की नागरिकता दी जायगी।
यह बिल कब पास हुआ--
यह बिल पहली बार संसद में रखा गया 19 जुलाई 2016 को फिर उसके सयुक्त संसदीय समिति को सोप दिया 12 अगस्त 2016 को, सयुंक्त ससदीय समिति ने इस साल जनबरी 2019 को cab पर अपनी रिपोर्ट दे दी थी।
जिसके बाद ग्रह मंत्री अमित शाह ने इस बिल को संसद में पुनः 9 दिसम्बर 2019 को रखा और संसद से इसे पास कर दिया गया, फिर इसे राज्यसभा में रखा गया और बहा भी 11 दिसंबर 2019 को पास कर दिया गया।
12 दिसम्बर 2019 को भारत के राष्ट्पति की मंजूरी के बाद मध्य रात्री को cab नागरिकता संशोधन बिल को एक कानून का रूप दे दिया गया और देश में लागु कर दिया गया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें